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जब यात्रियों को बचाने के लिए हाईजैकर से मिलने एयरपोर्ट पहुंच गए थे अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी ने करीब 6 दशक तक राजनीति से जुड़े रहने के बाद आज दुनिया को अलविदा कह दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत लंबे वक्त से खराब चल रही थी। अटल बिहारी वाजपेयी भले ही दुनिया से विदा हो गए हों, लेकिन उनके जीवन से जुड़ी कई कहानियां हैं जो हमारे बीच में हमेशा जिंदा रहेंगी। इन्हीं कहानियों में से एक किस्सा तब का है जब अटल बिहारी वाजपेयी हाइजैक प्लेन में फंसे यात्रियों को बचाने के लिए खुद ही पहुंच गए थे।

ये उन दिनों की बात है जब देश में राम जन्मभूमि का मुद्दा गर्माया हुआ था। चारों तरफ सरकार की नीतियों के खिलाफ गुस्सा था। वाजपेयी जी उन दिनों लखनऊ में मीराबाई रोड के गेस्ट हाउस में रूके हुए थे। दोपहर का वक्त था और अटल जी अपने तय समयानुसार खाना खाने के लिए अपने कमरे में जा चुके थे। इस दौरान उनके करीबी नेता बाहर के कमरे में बैठे हुए थे। बातें हो ही रही थीं कि अचानक लखनऊ के डीएम और राज्यपाल भागते हुए गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने बाहर बैठे नेताओं से कहा कि अटल जी से मिलना बहुत ज़रूरी है। नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री खाना खा रहे हैं आप लोग इंतज़ार करें, कुछ देर में मुलाकात हो जाएगी। लेकिन डीएम और राज्यपाल इतनी जल्दी में थे कि उन्होंने वहां बैठे किसी नेता की बात का जवाब देना ज़रूरी नहीं समझा और सीधे अटल जी के कमरे में पहुंच गए।

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वाजपेयी खाना खा रहे थे कि दोनों दरवाज़ा खोलकर अंदर आ गए। उन दोनों को देख अटल जी ने अपने खाने की प्लेट दूसरी तरफ कर दी। अटल जी ने डीएम से पूछा ‘डीएम साहब सब ठीक तो है न? ’

डीएम साहब ने एक ही सांस में सारी बात कह डाली। दरअसल अमौसी एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति ने प्लेन को हाईजैक कर लिया था। इतना ही नहीं हाईजैकर की शर्त ये थी कि अटल बिहारी वाजपेयी को उसके पास लाया जाए।

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अब तक बाहर बैठे नेता भी अंदर आ चुके थे। उन्होंने डीएम की बात सुनते ही ऐतराज़ जताया कि अटल जी का वहां जाना सुरक्षित नहीं है। इसलिए उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए। लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी बिना किसी की बात पर ध्यान दिए चलने के लिए तैयार हो गए।

उन दिनों लखनऊ एयरपोर्ट बहुत बड़ा नहीं था। वहां पर सुरक्षा के कुछ खास इंतज़ाम भी नहीं थे। बस एक हवाई पट्टी थी। एयरपोर्ट के पास पहुंचकर हाईजैकर से बात हुई, तो वह नहीं माना। हाईजैकर ने साफ कह दिया कि अगर अटल बिहारी वाजपेयी इस विमान में आएंगे तभी यात्रियों को छोड़ा जाएगा।

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अब अधिकारियों के लिए भी ये टेढी खीर थी। यात्रियों की जान बचाने की सोचें तो पीएम की जान को कैसे खतरे में डाल दें। लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी किसी बात की परवाह किए बगैर वहां जाने को तैयार हो गए। जैसे-तैसे अटल बिहारी वाजपेयी को विमान के अंदर ले जाया गया।

वाजपेयी के साथ कुछ अधिकारी भी थे। उन्होंने हाईजैकर से कहा कि अटल जी तुमसे मिलने इतनी दूर से आए हैं उनसे बात करो। हाईजैकर कुछ समझ पाता उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

दरअसल वो व्यक्ति देश में बन रही परिस्थितियों के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी से मिलना चाहता था। इसलिए उसने विमान हाईजैक किया था। बाद में विमान में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इत्तेफाक से उस विमान में उस वक्त कांग्रेस के एक नेता भी सफर कर रहे थे जिन्होंने खुद अटल बिहारी वाजपेयी की सुझबूझ की तारीफ की।

नोट-इस बात को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन ने एक इंटरव्यू में बताया था

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