देश का मुसलमान खौफ में है! लेकिन उसे डरा कौन रहा है?

देश का मुसलमान खौफ में है! लेकिन उसे डरा कौन रहा है?

क्या देश का मुसलमान डरा हुआ है? क्या भारत में मुसलमान असुरक्षित है? क्या सच में इस्लाम ख़तरे में है?  इन सारे सवालों का जवाब है हां… लेकिन इस जवाब के पीछे की कहानी भी आपको जरूर जाननी चाहिए

9 अगस्त को एक इंटरव्यू में तत्कालीन उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि देश का मुसलमान डरा हुआ है। उसके खौफ का कारण है घर वापसी, भीड़ द्वारा सामुहिक जगहों पर उसे जान से मार देना, उसके भारतीय होने पर सवाल खड़े करना। अगर देश का उप राष्ट्रपति ऐसी बात बोले तो उस पर गौर करना जरूरी हो जाता है। हामिद अंसारी जी के हर बात पर हम एक एक कर के बात करते हैं।

मॉब लिंचिंग

हामिद अंसारी ने कहा था कि मॉब लिंचिंग(भीड़ द्वारा जान से मार देना) से देश का मुसलमान डरा हुआ है। अगर मॉब लिंचिंग की बात की जाए तो पिछले 2 साल की जो घटनाएं सामने आती हैं वो है- अखलाक की हत्या, डॉ पंकज नारंग, मालदा कांड, जुनैद हत्याकांड, DSP अयुब पंडित।

  1. अखलाक हत्या कांड- निर्भया केस को छोड़ दिया जाए तो शायद ही किसी हत्या पर देश में इतना बड़ा प्रदर्शन देखा गया होगा। घटना का विरोध हर जगह हुआ। अवॉर्ड वापसी हुई। देश को असहिष्णु बता दिया गया। पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की तरफ से मुआवजे का ऐलान हुआ, सरकारी नौकरी की पेशकश की गई।

  2. डॉ पंकज नारंग- मार्च 25, 2016, दिल्ली के कालोनी में एक डॉक्टर को कुछ लोगों द्वारा सरेआम पीट कर मार दिया गया। डॉ पंकज के हत्यारों में मुस्लिम लड़के थे( इन लड़कों के बांग्लादेशी होने की बात भी कही जाती है, पुष्टि हम नहीं करते)

  3. मालदा कांड- साल 2016, 3जनवरी- पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन कर भीड़ अचानक से उग्र हो गई। पुलिस और BSF के जवानों के रोकने पर भीड़ ने कालियाचक पुलिस स्टेशन को निशाना बना दिया। पुलिस स्टेशन, बस और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। घटना में 30 से ज्यादा पुलिस कर्मी घायल हो गए। भीड़ हजारों में थी और इसमे शामिल सभी लोग मुस्लिम थे।

  4. जुनैद हत्या- 22 जून को मथुरा जा रही ट्रेन में कुछ लोगों ने 16 साल के जुनैद की चाकू मारकर हत्या कर दी। जुनैद ईद की खरीदारी के लिए दिल्ली आया था। हत्या के पीछे बीफ का कारण बताया गया। मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे बीफ हत्या का मामला बताते हए #NotInMyName का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में हिंदू आतंकवाद तक की बात कही गई। लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पता चला की हत्या बीफ को लेकर नहीं,  ट्रेन में सीट को लेकर हुई थी। इस ख़बर के बाद न तो किसी चैनल ने गलत दिखाने के लिए माफी मांगी और न किसी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया दी गई।

  5. मोहम्मद अयूब पंडित- 23 जून, ईद की सुबह को श्रीनगर के एक मस्जिद के बाहर खड़े DSP अयुब पंडित को भीड़ ने बिना किसी वजह के पीट पीटकर मार दिया। भीड़ में शामिल सभी लड़के मुस्लिम ही थे।

इन सभी घटनाओं पर नज़र डालने के बाद पता चलता है कि मॉब लिंचिंग की घटना में दोनों धर्म के लोग शामिल है। इस हिसाब से देश में न सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिंदु भी खौफ में होंगे, लेकिन हामिद अंसारी जी ने तो हिंदुओं की बात की ही नहीं। शायद इसलिए क्योंकि उनका ये तर्क उप राष्ट्रपति के तौर पर नहीं बल्कि एक मुस्लिम नेता के तौर पर था..

घर वापसी

हामिद अंसारी ने अपने इंटरव्यू में घर वापसी(हिंदुओं द्वारा मुस्लिमों का हिंदू धर्म में परिवर्तन कराना) की बात की थी। घर वापसी का मामला आगरा में उठा था। जब उस समय के सांसद योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में कई मुस्लिम परिवारों ने हिंदू धर्म अपनाया था। लेकिन ये धर्म परिवर्तन किसी जोर जबदस्ती से नहीं हुआ था बल्कि परिवार के लोगों की इस फैसले में सहमती थी।

घर वापसी अगर गैर कानूनी है तो धर्म परिवर्तन भी गैर कानूनी होना चाहिए जिसके तहत करोड़ों हिंदुओं का दूसरे धर्मों में धर्म परिवर्तन कराया गया। ऐसे में धर्म परिवर्तन और घर वापसी पर कानून लाकर इसपर प्रतिबंध लगाना चाहिए। लेकिन अगर ऐसा किया गया तो ये ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ जैसे अधिकारों का मजाक होगा ।

इस तरह से हामिद अंसारी जी का ये तर्क भी एक तरफा था जो कि गलत साबित होता है।

भारत के मुसलमानों को किससे है खतरा?

क्या भारत का मुसलमान खौफ में है?

ये वो सवाल है जो मौजूदा समय में हर बार खड़ा हो उठता है… देश के पूर्व उप राष्ट्रपति ने भी इसी बात को उठाया था। ये सवाल जितना जरूरी है उतना ही जरूरी इसका जवाब भी। इसका जवाब भी पढ़ लिजिए…..

मैं पहले मुसलमान हूं फिर हिंदुस्तानी। दुनिया में कहीं भी मुसलमान हो, वो पहले मुसलमान है फिर किसी देश का नागरिक- माविया अली, पूर्व विधायक, समाजवादी पार्टी।

माविया अली ने ये बात स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले कही थी। उन्होने ये भी कहा कि अगर देश का संविधान धर्म के सामने आता है तो वो देश के संविधान को नहीं मानेंगे. शायद ये बात उन्होने डर में ही कही होगी जिसकी बात हामिद अंसारी जी कर रहे थे।

क्या  हामिद जी ये भूल गए थे कि जब सोनू निगम ने स्पीकर पर तेज आवाज में अजान बजाने पर अपनी राय रखी थी तब कोलकाता के ही एक मौलवी ने सोनू निगम को जूता मारने के बदले 10 लाख देने की बात  कही थी

क्या ‘टीवी’ के मौलवी अब तय करेंगे अभिव्यक्ति की आजादी?

या फिर हामिद जी ये भूल गए थे कि बिहार के एक नेता को जय श्रीराम बोलने पर धर्म से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद मंत्री जी ने माफी भी मांगी और दोबारा कलमा भी पढ़ा

एक मौलवी के फतवे के सामने झुक गई बिहार सरकार

तो क्या देश का मुसलमान डरा हुआ नहीं है?

भारत का मुसलमान डरा हुआ है… उसे डर आज से नहीं बल्कि बहुत पहले से है… तब से जब हामिद अंसारी जी उप राष्ट्रपति भी नहीं थे। लेकिन ये डर अब बाहर आने लगा है। कुछ डरे हुए मुसलमानों के नाम बताते हैं

  • इरफान खान, अभिनेता- इरफान खान ने जब बकरीद पर बकरे को हलाल करने पर अपनी राय दी थी तो मौलवियों की फौज ने उनपर हमला कर दिया। इरफान को अपने कहे की राष्ट्रीय चैनल पर आ कर सफाई देनी पड़ी।

  • मोहम्मद शमी, क्रिकेटर, भारतीय टीम- शमी ने जब अपनी पत्नि से साथ ट्विटर पर एक फोटो शेयर की तो मुस्लिम समाज के कई लोगों को धर्म खतरे में दिखने लगा। लोगों ने इसे इस्लाम के खिलाफ बताते हुए उन्हें सीख देनी शुरू कर दी।

  • इरफान पठान, क्रिकेटर- इरफान ने जब अपनी पत्नी की फोटी शेयर की तो इस्लाम के कई ठेकेदारों ने इसे गैर इस्लामिक बता दिया

  • मोहम्मद कैफ, पूर्व भारतीय क्रिकेटर- कैफ ने जब अपने बच्चे के साथ चेस खेलते हुए की तस्वीर शेयर कि तो इसे इस्लाम के खिलाफ बता दिया गया( कुछ लोगों के मुताबिक चेस इस्लाम में हराम है)। इसके बाद कैफ ने एक और फोटो शेयर की

  • नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अभिनेता- नवाजुद्दीन ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर अपने बच्चे की बाल कृष्ण के रूप में फोटो शेयर। इसपर कई लोगों ने उनकी आलोचना की।

  •  फातिमा सना शेख, अभिनेत्री- दंगल फिल्म की गीता फातिमा ने जब इंस्टाग्राम पर अपनी फोटो डाली तो कई लोगों ने इसका विरोध किया और कहा की ये गैर इस्लामिक है। कई लोगों ने ये भी कहा कि फातिमा रमजान के समय में ऐसी फोटो केसे डाल सकती हैं? ये बात अलग है कि ऐसे लोगों ने ये नहीं बताया कि वो रमजान के समय में इस्टाग्राम क्यों देख रहे थे अगर ये हराम है तो। और क्या रमजान के बाद ये हराम नहीं रहेगा?

     

हामिद अंसारी जी मुसलमानों की बात तो कर रहे थे लेकिन वो ये बताना भूल गए कि पहले योग दिवस पर वो क्यों कार्यक्रम में नहीं शामिल हुए। क्योंकि निमंत्रण तो पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भी नहीं भेजा गया था लेकिन वो गए थे। सवाल तो ये भी है कि हामिद जी एक भी योग कार्यक्रम में अब तक शामिल क्यों नहीं हुए, इसलिए क्यों कि इसे कई लोग इस्लाम के खिलाफ बताते हैं(ये शब्द सिर्फ कयास है हामिद जी के व्यक्तिगत कारण भी हो सकते हैं।

हामिद अंसारी क्यों तीन तलाक पर रक्षात्मक हो जाते है जिसने कई मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी बर्बाद कर दी…. क्या ये उन मुस्लिम महिलाओं केे साथ धोखा नहीं है? हामिद जी को क्या तथाकथित मौलवियों के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए था? हामिद जी ने फतवाओं के खिलाफ क्यों नहीं बोला? शायद इसलिए कि कहीं वो भी तो नहीं डरे हैं बाकि मुसलमानों की तरह… इन सब का एक ही जवाब है

हां, देश का मुसलमान डरा हुआ है लेकिन सच ये हैं कि उसे डराने वाले भी मुसलमान ही है….

Follow me

Shridhar Mishra

I Believe We All Can Find God But It Is Up to The Questions We Ask. God Himself Answers The Toughest Of The Questions.

An Atheist By Profession And A Believer By Heart.

Writer| Journalist| Engineer|
Shridhar Mishra
Follow me

Leave a Reply