रानी पद्मावती

रानी पद्मावती: एक ‘परछाई’ जिसने दिल्ली के सुल्तान को बना दिया हैवान

रानी पद्मावती जिन्हें इतिहास में जौहर करने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। कवि मलिक मोहम्मद जायसी के लिखे ग्रंथ पद्मावत में रानी पद्मावती का बड़ा ही सुंदर वर्णन है। रानी पद्मावती के साहस और बलिदान की गौरवगाथा इतिहास में अमर है। सिंहल राज जो अब श्रीलंका है वहां के राजा गंधर्व सेन और रानी चंपावती की बेटी पद्मावती अपनी खूबसूरती के लिए दूर-दूर तक जानी जाती थी।

रानी पद्मावती

चित्तोड़ के राजा रतन सिंह से रानी पद्मावती का एक स्वयंवर में विवाह हुआ था। शादी के बाद रानी पद्मावती की खूबसूरती की कहानी दिल्ली के सुलतान अलाउद्दीन खिलजी तक पहुंची। अलाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मावती को देखने की राजा रतन सिंह से जिद्द कर डाली। अलाउद्दीन ने रानी पद्मावती की खूबसूरती के बारे में जितना सुना था उससे कहीं ज्यादा पाया।

रानी पद्मावती को पाने के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने राजा रतन सिंह को बंधक बना लिया। लेकिन राजा रतन सिंह के 2 राजपूत साथियों ने उन्हें खिलजी की कैद से आजाद करा दिया। गुस्से में आकर अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर हमला कर दिया। इस युद्द में राजा रतन सिंह की मौत हो गई। लेकिन जब अलाउद्दीन खिलजी रानी पद्मावती को पाने के लिए महल में घुसा तो उसे सिर्फ धूआं ही दिखाई दे रहा था। रानी पद्मावती ने आग में जलकर खुद की जान दे दी थी। उनके साथ महल की और भी कई महिलाओं ने आग में जलकर जान दे दी थी।

रानी पद्मावती की दूसरी कहानी…

कहा जाता है कि राजा रतन सिंह के दरबार में एक मंत्री ऐसा भी था जिसे जादू का ज्ञान था। मंत्री राजा रतन सिंह का भरोसेमंद आदमी था। रतन सिंह को मंत्री की जादू की कला के बारे में भी  पता था। लेकिन एक दिन रतन सिंह ने मंत्री को काला जादू करते हुए पकड़ लिया। मंत्री से लगाव के चलते राजा रतन सिंह ने उसे सजा तो नहीं दी लेकिन उसे राज्य निकाला दे दिया।

मंत्री राज्य के बाहर जंगल दर जंगल भटकता रहा। एक रात वो जंगल में जादू कर रहा था कि तभी उसे कुछ सिपाहियों ने पकड़ लिया। सिपाही उसे दिल्ली के एक किले में ले आए और राजा के सामने पेश कर दिया। ये राजा कोई और नहीं बल्कि दिल्ली का सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी था। अलाउद्दीन खिलजी को मंत्री की जादू पसंद आई और उसने मंत्री से उसके बारे में पूछा। मंत्री ने अलाउद्दीन खिलजी को एक-एक कर सब बताने लगा। उसने चित्तौड़ के बारे में, राजा रतन सिंह और अपने राज्य निकाला के बारे में बताया…. इसके साथ ही मंत्री ने रानी पद्मावती के बारे में बताया.. उनकी खूबसूरती की के किस्से सुनाने लगा। अलाउद्दीन खिलजी ने पद्मावती की खूबसूरती की कहानी सुनते ही उन्हें देखने की ठान ली।

अलाउद्दीन ने इसके लिए छल का सहारा लिया। उसने राजा रतन सिंह से कहलवाया कि वो पद्मावती को बहन मानता है और वो उन्हें देखना चाहता है। अलाउद्दीन खिलजी की इस अजीब सी मांग को न तो राजा मना कर पाए और न ही रानी। लेकिन रानी पद्मावती ने एक शर्त रखी कि अल्लाउ्द्दीन उन्हें सीधे-सीधे नहीं देखेगा बल्कि एक परछाई में देखेगा। अलाउद्दीन ने ये मांग मान ली और रानी को देखने महल आ गया।

मोहम्मद अली जिन्ना को बेटी के किस सवाल ने कर दिया था खामोश?

सद्दाम हुसैन से स्टालिन तक… हमशक्लों ने निभाएं हैं कई किरदार

चे ग्वेरा: क्यूबा का महान क्रांतिकारी भारत आ कर क्यों हो गया था हैरान?

अलाउद्दीन को बड़ी गुफा के आकार वाली जगह लाया गया। ये जगह पहाड़ों से एक गुफा की शकल में ढकी थी…. गुफा के अंदर बड़ा सा तालाब था। पहाड़ों के बीच से सुरज की किरण पानी पर पड़ती थी… जिससे से जगह चमकती रहती थी। अलाउद्दीन और रानी पद्मावती के सामने मोटे परदे की दीवार थी। रानी पद्मावती तालाब के सामने खड़ी हो गई… तालाब में रानी की परछाई दिखने लगी… ये परछाई सामने लगे शीशे में दिखने लगी, जिसे अलाउद्दीन ने देखा। अलाउद्दीन ये देख कर हैरान था कि पद्मावती को लेकर उसने जितना भी सुना था वो कहीं कम था। अलाउद्दीन के अंदर रानी को पाने की चाहत ने घर कर लिया था। अलाउद्दीन ने राजा रतन सिंह को दिल्ली भोज पर बुलाया। लेकिन जब रतन सिंह वहां पहुंचे तो अलाउद्दीन ने उन्हें बंदी बना लिया।

चित्तोड़गढ़ का किला

रानी पद्मावती न सिर्फ खूबसूरत थी बल्कि राजनीति की भी कुशल जानकार थी। रानी पद्मावती ने राजा रतन सिंह के साथियों के साथ मिलकर एक योजना बनाई। योजना कामयाब यहीं। रतन सिंह के साथियों ने उन्हें जेल से आजाद करा लिया। लेकिन इसके बाद अलाउद्दीन गुस्से में पागल हो गया। उसने चित्तोड़ पर हमला कर दिया। रतन सिंह की सेना अलाउद्दीन की तुलना में बेहद कम थी। युद्ध में राजा रतन सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए। अलाउद्दीन जब खुशी में महल के अंदर घुसा तो उसके चेहरे की रंगत ही गायब हो गई। रानी पद्मावती और उनके साथ कई महिलाओं ने आग में कूद कर अपनी जान दे दी थी। अलाउद्दीन की सारी चाहत उसी चिता के साथ जल रही थी।

रानी पद्मावती को इसी त्याग के लिए वहां के लोग देवी मानते हैं। राजस्थान के कई गावों में रानी पद्मवती की पूजा होती है। रानी पद्मावती न सिर्फ राजस्थान में बल्कि भारत के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो चुकी हैं….

Shridhar Mishra
Follow me

Shridhar Mishra

I Believe We All Can Find God But It Is Up to The Questions We Ask. God Himself Answers The Toughest Of The Questions.

An Atheist By Profession And A Believer By Heart.

Writer| Journalist| Engineer|
Shridhar Mishra
Follow me

Leave a Reply