मेरे बारे में

नाम सबा वकील... नाम की तरह ही अपने विचारों की वकालत करना पसंद है। हर मुद्दे पर एक राय होती है मेरी। लेकिन भेड़ चाल से सख्त नफरत है। इसलिए अकसर मेरे लेखन में ये बातें साफ झलकती हैं। फिर भी अपनी बात को समझाने के लिए एक जिद्दी स्वभाव रहता है मेरा। विपक्षी विचारधारा की इज्ज़त करती हूं। डेमोक्रेटिक बज़र का हिस्सा इसलिए ही बनी क्योंकि यहां हर विचारधारा को एक समान प्लेटफॉर्म दिया जाता है।

IMG-20170606-WA0013
Newspaper

लिखना क्यों शुरू किया

इस सब की शुरुआत एक डायरी से हुई थी। कहानियां बनाने की बचपन से आदत रही और बड़े होते-होते ये आदत दिवानगी में बदल गई। कहानियां लिखना भी बेहद पसंद है। अब मेरे लिए लिखना उतना ही ज़रूरी है जितना जीने के लिए सांस लेना।

विचारधारा

एक घटना के हमेशा दो पहलू होते हैं। कई बार दोनों अपनी-अपनी जगह पर सही और गलत होते हैं। लेकिन मेरा मानना है जिस बात से ज्यादा लोगों का जीवन प्रभावित हो हमेशा उस पहलु के बारे में ज्यादा बात की जानी चाहिए। या फिर कहें कि ऐसे लोगों के बारे में जिनके बारे में so called professional media बात ही नहीं करना चाहता।

Festival

विजन

जहां भी सवाल होते हैं उनके जवाब खोजने की कोशिश करती हूं। विचार-विमर्श के मामले में किसी तरह का कोई बंधन पसंद नहीं है। धर्म हो या समाजिक बंधन जो जीवन को मुश्किल बनाएगा वहां सवाल ज़रूर उठाऊंगी। क्योंकि समाज और धर्म हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए बना है। ये ध्यान रहता है कि धार्मिक भावनाएं आहत न हों लेकिन जब ऐसी मान्यताओं की बात आती है जहां धर्म/समाज के नाम पर जीवन प्रभावित हो रहा हो उसे कुप्रथा मानती हूं। ऐसी परिस्थितियों पर लिखना मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं। क्योंकि तब मेरे लिए लिखना अधिकार नहीं ड्यूटी बन जाता है।